गर्भावस्था से जुड़े 8 डर जिसने मुझे गर्भवती होने से दूर रखा

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हमने इस तरह के डर के बारे में कई एक्सपर्ट्स से बात की और जाना की कैसे इन चीजों से डरने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है ।

प्रेगनेंसी का एक्सपीरियंस अलग अलग महिलाओं के लिए अलग अलग होता है । कुछ इसे आसानी से पार कर जाते हैं तो कइयों के लिए ये रास्ता इतना आसान नहीं होता है । उदाहरण के लिए अमीषा कपूर (बदला हुआ नाम) की ही कहानी ले लीजिये । वो दिल्ली की एक लोकल फैशन डिज़ाइनर हैं जिन्होंने पिछले साल जुड़वा बच्चों को concieve किया ।
प्रेगनेंसी से पहले वो बहुत स्वस्थ थीं लेकिन पहले trimester में मॉर्निंग सिकनेस के कारण उनका अचानक वजन घटने लगा ।
“मैंने पहले trimester में 7 किलो वजन घटाया । मैं जो भी खाती थी वो उल्टी से बाहर निकल जाता था । इस वजह से मेरे पेट में कुछ बचता नहीं था और मुझे पेट में पल रहे दो बच्चों की चिंता होने लगी थी । इसीलिए मुझे फिर anti-nausea medication दिया गया जिससे मैं बाकी प्रेगनेंसी को आसानी से पार कर पायी । ” – इंदुसपरेन्ट से बात करते हुए अमीषा ।

उन्होंने आगे बताया की वो अपनी प्रेगनेंसी से पहले भी टेंशन में थीं । वजन घटना उनके सबसे बड़े डर का सही हो जाने जैसा था । “लेकिन सब कुछ धीरे धीरे ठीक हो गया और मैंने 2 प्यारे fraternal twins को इस फ़रवरी में जन्म दिया।”अगर आप भी प्रेग्नेंट हैं ऐसा प्लान कर रही हैं तो चिंतित होना साधारण बात है । लेकिन हर समस्या का समाधान होता है । हमने इस तरह के डर के बारे में कई एक्सपर्ट्स से बात की और जाना की कैसे इन चीजों से डरने की बिलकुल भी जरूरत नहीं है ।

#1 miscarriage हो गया तो?

 

WebMD  दिये गए एक डेटा के अनुसार करीब 50 फीसदी प्रेगनेंसी का अंत miscarriage के रूप में होता है, मंथली पीरियड शुरू होने से पहले। जाने माने प्रेगनेंसी में 15 फीसदी miscarriage होते हैं लेकिन ये सभी महिलाओं के लिए सही नहीं हैं ।

बेंगलुरु के कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल में obstetrics और गायनोकॉलोजी के कंसलटेंट डॉ. सीता राजन कुमार बताते हैं, ” पहले trimenster में pregnancy loss का एक सबसे प्रमुख कारण है भ्रूण में aneuloidy या chromosomal विकार का होना। miscarriage के वैसे तो कई कारण हैं  लेकिन आप शराब, धूम्रपान, कैफीन आदि का सेवन कम करके या खत्म करके इसके रिस्क को कम कर सकते हैं ।”

#2 morning sickness हो गया तो?

 

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कई महिलाओं को इस बात का डर सताता है की मॉर्निंग सिकनेस के वजह से पोषक तत्व पेट में बैघे तक नहीं पंहुचेंगे। लेकिन इसके उलटी फैक्ट ये है की पेट में पल रहा बेबी माँ के शरीर में जाने वाले किसी भी चीज़ से न्यूट्रिशन ले लेता है फिर चाहे वो बिस्कुट हो या जूस ।
फिट फॉर बर्थ की न्यूट्रिशनिस्ट और डायटीशियन चार्मी गला बताती हैं “मॉर्निंग सिकनेस इसीलिए होता है क्योंकि माँ का digestion सिस्टम बेहतर होता जाता है, इसीलिए घबराने जैसी कोई बात ही नहीं है ।” इसीलिए सिर्फ स्वस्थ लाइफस्टाइल का पालन करने से, जल्दी सोना, अदरक की चाय, पानी पीते रहना जैसी छोटी छोटी आदतों से आप मॉर्निंग सिकनेस से बच सकते हैं ।

#3 अगर मेरा फ़ूड मेरे बच्चे के लिए सही नहीं हुआ तो ?

 

सही खाना खाने के दबाव में हर होने वाली माँ रहती है लेकिन एक हेल्थी लाइफस्टाइल और फ़ूड से आप इस रिस्क को भी दूर कर सकते हैं ।
गुडगाँव के वेल वीमेन क्लिनिक की gynaecologist और डायरेक्टर डॉ. नुपुर गुप्ता बताती हैं, “उम्र प्रेग्नेंट होने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है लेकिन इसका असर अच्छे लाइफस्टाइल, और फ़ूड लेने से कम हो जाता है । रेगुलर एक्सरसाइज करना और 35 साल के उम्र का बाद भी अच्छी लाइफस्टाइल बनाये रखने से इन चीजों से ऊपर उठा जा सकता है । बस अच्छा और स्वस्थ आहार लें, जैसे नट्स, ड्राई फ्रूट, आदि प्रेगनेंसी के दौरान आपके बॉडी में एनर्जी और मजबूती लाती हैं ।”

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